Vice Chancellor

Prof. Surendra Dubey
Prof. Surendra Dubey

Vice Chancellor, Bundelkhand University

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कुलपति की कलम से



विश्‍वविद्यालय स्वधीन चेतना के विकाय के केन्द्र हैं। इनका प्रमुख उद्देश्‍य होता है, एक सकारात्मक सोच का पूर्ण मनुष्य तैयार करना। एक ऐसा मनुष्य जो अपने कृतित्व से समाज, राष्ट्र और अन्ततः सम्पूर्ण मानवता के कल्याण में अपना सर्वोत्तम योगदान कर सके। यदि ये संस्थान आने वाली पीढ़ी को इस प्रकार के मनुष्य में रूपान्तरित कर पाते हैं तो यह माना जायेगा कि वे अपने उद्देश्‍य में सफल हैं।

बुन्देलखण्ड विश्‍वविद्यालय, झाँसी अपनी आधारभूत संरचना, अधुनातन वैज्ञानिक उपकरणों, पुस्तकालय और प्रयोगशालाओं की दृष्टि से उत्तर प्रदेश का महत्वपूर्ण संस्थान है, बस आवश्‍यकता है इन्हें उपयोगकर्ताओं (यूजर्स) से जोड़ने की। विश्‍वविद्यालय में प्रतिभाशाली, ऊर्जावान और कल्पनशील शिक्षक हैं, कर्मठ, प्रामाणिक और निष्ठावान अधिकारी एवं कर्मचारी हैं और हैं विकसित संसधन - इन सबका विद्यार्थियों के लिये जितना अधिक रचनात्मक उपयोग होता जायेगा - विश्‍वविद्यालय अपने उद्देश्य की पूर्ति कि दिशा में उतना ही आगे बढ़ता जायेगा। विकसित आधारभूत संरचनाओं और अत्याधुनिक वैज्ञानिक उपकरणों में संवेदना का रस घोलकर हम उन्हें जितना अधिक विद्यार्थी उपयोगी और समाजोपयोगी बना पायेंगे उतना ही इसे राष्ट्र और मनुष्यता के विकास से जोड़ पायेंगे।

मूल्यगत संक्रमण के इस कठिन समय में शिक्षण संस्थान ही मनुष्यता का कल्याण कर सकते हैं, बशर्ते कि वे अपने विद्यार्थियों में सत्य, त्याग, सहिष्णुता, प्रेम, उदारता, करूणा, अहिंसा और अपरिग्रह जैसे श्रेष्ठ परम्परागत मूल्यों को जाग्रत करें।

बुन्देलखण्ड आर्थिक पिछड़ेपर के बावजूद अपनी समृद्ध ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और साहित्यिक परम्परा से सम्पन्न है-

नारी का सम्मान यहां की गौरवशाली परम्परा।
मातृशक्ति के संस्कारों से पोशित है, यह पुण्य धरा।।


आइए, हम अपनी इस शक्ति को पहचान कर इसका रचनात्मक उपयोग करें ताकि हमारी संस्था से निकलने वाले विद्यार्थी श्रेष्ठ नागरिक बन सकें और अपने क्षेत्र, समाज, राष्ट्र और अन्ततः समष्टि के कल्याण में अपना रचनात्मक योगदान कर सकें। यही हमारा उद्देश्‍य है, यही हमारा दायित्व है और यही हमारा धर्म भी है।

समानी व आकूतिः समाना हृदयानि वः।
समानमस्तु वो मनो यथा वः सुसहासति।।

(प्रो0 सुरेन्द्र दुबे)
कुलपति